Class 10 Hindi: बालगोबिन भगत – पाठ का सारांश और प्रश्न-उत्तर”

प्रश्न 1. बालगोबिन भगत अपनी किन विशेषताओं के कारण साधु कहलाते थे?(CBSE-2008,2010,2017)

उत्तर: वे गृहस्थ होकर भी साधु थे क्योंकि:

 1. वे सदैव सत्य बोलते थे।

 2. किसी से अनावश्यक झगड़ा नहीं करते थे।

 3. किसी की वस्तु बिना पूछे नहीं छूते थे।

 4. अपनी उपज पहले कबीरपंथी मठ में अर्पित करते थे।

 5. वे मोह-माया से मुक्त और सात्विक थे।

प्रश्न 2. भगत की पुत्रवधू उन्हें अकेले क्यों नहीं छोड़ना चाहती थी? (CBSE-2010,2019)

उत्तर: पुत्र की मृत्यु के बाद भगत अकेले रह गए थे। पुत्रवधू उनकी वृद्धावस्था में सेवा, भोजन और बीमारी में दवा-दारू का प्रबंध करने के लिए उन्हें नहीं छोड़ना चाहती थी।

प्रश्न 3. भगत ने बेटे की मृत्यु पर भावनाएँ कैसे व्यक्त कीं ?

उत्तर: उन्होंने विलाप के बजाय उत्सव मनाया। वे कबीर के पद गाते रहे और कहा कि आत्मा का परमात्मा से मिलन हो गया है, जो खुशी की बात है।

प्रश्न 4. भगत के व्यक्तित्व और वेशभूषा का चित्रण कीजिए

उत्तर: उनका व्यक्तित्व और पहनावा इस प्रकार था:

 1. वे साठ वर्ष से ऊपर के मंझोले कद के गोरे व्यक्ति थे।

 2. सिर पर कबीरपंथी टोपी और कमर में लंगोटी पहनते थे।

 3. माथे पर रामानंदी चंदन और गले में तुलसी की माला रहती थी।

प्रश्न 5. बालगोबिन भगत की दिनचर्या लोगों के अचरज का कारण क्यों थी ?

उत्तर: उनकी अटूट नियम-निष्ठा अचरज जगाती थी। वे भीषण सर्दी में भी भोर में उठकर दूर नदी स्नान करने जाते और उपवास रखकर मीलों पैदल चलते थे।

प्रश्न 6. बालगोबिन भगत के मधुर गायन की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर: उनके गायन की विशेषताएँ:

 1. स्वर में जादुई प्रभाव और आकर्षण था।

 2. सुनते ही बच्चे झूमने लगते और खेतों में काम करने वालों के पैर थिरकने लगते।

 3. उनका गायन उमस भरी शाम में शीतलता भर देता था।

प्रश्न 7. भगत किन प्रसंगों के कारण सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे ?

उत्तर: उन्होंने बेटे की चिता को आग अपनी पुत्रवधू से दिलवाई और समाज के विपरीत जाकर विधवा पुत्रवधू के दूसरे विवाह का आदेश दिया।

प्रश्न 8. धान की रोपाई के समय माहौल कैसा होता था?

उत्तर: भगत के गीतों से सारा वातावरण संगीतयमय हो जाता था। स्त्रियाँ गीत गुनगुनाने लगती थीं और हलवाहों व मजदूरों की उंगलियाँ एक निश्चित लय में चलने लगती थीं।

रचना और अभिव्यक्ति

प्रश्न 9. बालगोबिन भगत की कबीर पर श्रद्धा किन रूपों में प्रकट हुई है ? (CBSE- 2010,2018)

उत्तर: उनकी श्रद्धा इन रूपों में दिखी:

 1. वे कबीर को ‘साहब’ मानते और उनके पदों को गाते थे।

 2. अपनी उपज पहले कबीरपंथी मठ में भेंट करते थे।

 3. कबीर के समान सादा जीवन और शुद्ध आचरण रखते थे।

 4. सामाजिक कुरीतियों का विरोध कर कबीर के आदर्शों पर चले।

प्रश्न 10. आपकी दृष्टि में भगत की कबीर पर अगाध श्रद्धा के क्या कारण रहे होंगे ? (CBSE)

उत्तर: कबीर की स्पष्टवादिता, सादगी और आडंबरहीन भक्ति ने उनके सरल किसान हृदय को छुआ होगा। उन्हें कबीर के विचारों में जीवन की सच्चाई और ईश्वर के प्रति निस्वार्थ प्रेम दिखाई दिया होगा।

प्रश्न 11. गाँव का सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश आषाढ़ चढ़ते ही उल्लास से क्यों भर जाता है ?

उत्तर: आषाढ़ में वर्षा होते ही धान की रोपाई शुरू होती है। खेतों में बच्चों की उछल-कूद, औरतों का गीत गुनगुनाना और कीचड़ में सने किसानों का संगीत की लय पर काम करना वातावरण को खुशनुमा बना देता है।

प्रश्न 12. ‘साधु’ की पहचान आप किन आधारों पर सुनिश्चित करेंगे ?

उत्तर: साधु की पहचान पहनावे से नहीं, बल्कि इन आधारों पर होनी चाहिए:

 1. व्यवहार में सच्चाई और सादगी हो।

 2. परोपकार की भावना और निस्वार्थ जीवन हो।

 3. मन में किसी के प्रति द्वेष या मोह न हो।

 4. सात्विक और मर्यादित आचरण हो।

प्रश्न 13. मोह और प्रेम में अंतर को भगत ने किस घटना से सिद्ध किया ? (CBSE- 2015)

उत्तर: भगत ने अपनी पुत्रवधू को खुद की सेवा के लिए घर में नहीं रोका (जो मोह होता), बल्कि उसके सुखद भविष्य के लिए उसका दूसरा विवाह करवाया। यह निस्वार्थ कदम ‘प्रेम’ का सच्चा प्रतीक था।

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. बालगोबिन भगत पाठ में किन सामाजिक रूढ़ियों पर प्रहार किया गया है? [CBSE 2019]

उत्तर: पाठ में मुख्य रूप से इन रूढ़ियों पर चोट की गई है:

 1. विधवा-विवाह का विरोध।

 2. मृत देह को मुखाग्नि केवल पुरुष (पुत्र) द्वारा देना।

 3. मृत्यु पर शोक मनाना।

प्रश्न 2. लेखक की दृष्टि में भगत की मौत उनके अनुरूप हुई। सिद्ध कीजिए। [CBSE 2014]

उत्तर: भगत का जीवन पवित्र और अनुशासित था। अपनी मृत्यु के दिन तक उन्होंने अपनी नियम-निष्ठा, गंगा-स्नान और भजन नहीं छोड़ा। वे गाते-गाते शांत हुए, जो उनके सात्विक जीवन के अनुरूप ही था।

प्रश्न 3. यह पाठ किस विधा में है और कौन-सी लोक-संस्कृति दर्शाता है? [CBSE 2015]

उत्तर:

1. यह पाठ रेखाचित्र (संस्मरण) विधा में है।

2. इसमें ग्रामीण लोक-संस्कृति को दर्शाया गया है, जहाँ सामूहिक खेती, आपसी प्रेम और भक्ति संगीत का    महत्व है।

प्रश्न 4. पतोहू अपने भाई के साथ जाने को तैयार क्यों नहीं थी? [CBSE 2012, 2019]

उत्तर: पतोहू को अपने ससुर (भगत जी) के प्रति अगाध श्रद्धा थी। वह जानती थी कि उनके बुढ़ापे में भोजन बनाने और बीमारी में दवा देने वाला कोई नहीं है।

प्रश्न 5. उमस भरी शाम को भगत किस प्रकार शीतल कर देते थे? [CBSE 2012, 2020]

उत्तर: गर्मियों की शाम को भगत अपने प्रेमपूर्ण भजनों और खँजड़ी की ताल से ऐसा जादुई वातावरण बनाते थे कि भक्तों का मन और शरीर भक्ति की शीतलता से भर जाता था।

प्रश्न 6. भगत के जीवन की कौन-सी बातों ने आपको प्रभावित किया और क्यों? [CBSE 2012]

उत्तर: मुझे इन बातों ने प्रभावित किया:

 1. सामाजिक कुरीतियों का साहसपूर्ण विरोध।

 2. सुख-दुख में समान भाव (पुत्र की मृत्यु पर भी उत्सव) ।

 3. उनकी अटूट कर्तव्यनिष्ठा और सादगी।

प्रश्न 7. पुष्टि कीजिए कि भगत सच्चे कबीरपंथी थे। [CBSE 2020]

उत्तर: वे कबीरपंथी थे क्योंकि:

 1. वे कबीर को ‘साहब’ मानते थे।

 2. कभी झूठ नहीं बोलते थे और आचरण में खरापन रखते थे।

 3. वे बाहरी आडंबरों के विरोधी और सादगी पसंद थे।

प्रश्न 8. भगत अपनी सब चीजें ‘साहब’ की मानते थे- उदाहरण दीजिए। [CBSE 2020]

उत्तर: 1. वे खेत की पूरी पैदावार पहले कबीर-मठ ले जाते थे।

2. वहां से प्रसाद स्वरूप जो मिलता, उसी से गुजारा करते थे।

3. वे अपने शरीर और संतान को भी ईश्वर की अमानत मानते थे।

प्रश्न 9. “भगत और पतोहू एक-दूसरे की हित-चिंता में जिद पर अड़े थे”- स्पष्ट कीजिए। [CBSE 2020]

उत्तर: भगत चाहते थे कि पतोहू पुनर्विवाह कर सुखी जीवन बिताए, जबकि पतोहू भगत की वृद्धावस्था में सेवा के लिए घर नहीं छोड़ना चाहती थी। दोनों का स्वार्थ नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति प्रेम था।

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