NCERT Solutions For Class 10 Hindi Kshitiz Chapter 6 यह दंतुरहित मुस्कान और फसल

यह दंतुरित मुसकान (नागार्जुन)

प्रश्न 1. बच्चे की दंतुरित मुसकान का कवि के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है? (CBSE 2010, 2015)

उत्तर: बच्चे की मुसकान देखकर कवि का निराश मन प्रसन्न हो उठता है। उन्हें ऐसा लगता है मानो उनकी पुरानी झोपड़ी में कमल खिल गए हों और पत्थर जैसा कठोर हृदय पिघलकर जल बन गया हो।

प्रश्न 2. बच्चे की मुसकान और एक बड़े व्यक्ति की मुसकान में क्या अंतर है? (CBSE 2012, 2017)

उत्तर: बच्चे की मुसकान निश्छल, स्वाभाविक और निस्वार्थ होती है, जो सबको आनंदित करती है। जबकि बड़ों की मुसकान अक्सर बनावटी, शिष्टाचार से भरी और परिस्थितियों के अनुसार बदली हुई होती है।

प्रश्न 3. कवि ने बच्चे की मुसकान के सौंदर्य को किन-किन बिंबों के माध्यम से व्यक्त किया है? (CBSE 2014)

उत्तर: कवि ने निम्नलिखित बिंबों का प्रयोग किया है:

 * झोपड़ी में कमल खिलना।

 * कठोर पत्थर का पिघलकर जल बनना।

 * बाँस और बबूल से शेफालिका के फूलों का झड़ना।

प्रश्न 4. भाव स्पष्ट कीजिए: ‘छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात’ (CBSE 2016)

उत्तर: इसका भाव यह है कि अभावों से भरी कवि की झोपड़ी बालक की मुसकान से जीवंत हो उठी है। कवि को अपना घर किसी पवित्र तालाब की तरह सुंदर और सुखद लगने लगा है।

खंड 2: फसल (नागार्जुन)

प्रश्न 1. कवि के अनुसार फसल क्या है? (CBSE 2010, 2018)

उत्तर: फसल नदियों के पानी का जादू, मिट्टी के गुण-धर्म और सूरज की किरणों व हवा का रूपांतरण है। यह मुख्य रूप से करोड़ों किसानों के कठिन परिश्रम का गौरवशाली परिणाम है।

प्रश्न 2. कविता में फसल उपजाने के लिए आवश्यक तत्वों की बात कही गई है, वे कौन-कौन से हैं? (CBSE 2013, 2019)

उत्तर: फसल के लिए आवश्यक तत्व निम्नलिखित हैं:

 * नदियों का पानी और मिट्टी के पोषक तत्व।

 * सूरज का प्रकाश और हवा का वेग।

 * किसानों और मज़दूरों के हाथों का श्रम।

प्रश्न 3. फसल को ‘हाथों के स्पर्श की गरिमा’ और ‘महिमा’ कहकर कवि क्या व्यक्त करना चाहता है? (CBSE 2015, 2020)

उत्तर: कवि कहना चाहता है कि फसल केवल प्रकृति की देन नहीं है। इसमें किसान का पसीना और मेहनत शामिल है। मानवीय श्रम ही वह तत्व है जो प्रकृति को अनाज में बदलता है।

प्रश्न 4. भाव स्पष्ट कीजिए: ‘रूपांतर है सूरज की किरणों का, सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का’ (CBSE 2017)

उत्तर: फसल सूर्य की ऊर्जा का भौतिक रूप है। यह सूरज की किरणों को सोखकर और हवा के स्पर्श से विकसित होती है। प्रकृति की ये शक्तियाँ फसल के रूप में हमारे सामने आती हैं।

खंड 3: अन्य महत्त्वपूर्ण परीक्षोपयोगी प्रश्न-उत्तर

प्रश्न 1. ‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता में ‘मधुपर्क’ शब्द का क्या आशय है? (CBSE 2014, 2016)

उत्तर: मधुपर्क का अर्थ माँ द्वारा बच्चे को कराए जाने वाले आत्मीय पालन-पोषण और स्नेह से है। यह माँ का ममतामयी स्पर्श है जिसने बच्चे को दुनिया से परिचित कराया है।

प्रश्न 2. “फसल” कविता हमें किसके करीब ले जाती है? (CBSE 2015)

उत्तर: यह कविता हमें उपभोक्तावादी संस्कृति से बचाकर कृषि-संस्कृति और मिट्टी के करीब ले जाती है। यह हमें प्रकृति और मनुष्य के आपसी सहयोग और कठिन परिश्रम का महत्व समझाती है।

प्रश्न 3. कवि ने बच्चे को ‘अनिमेष’ देखते रहने का क्या कारण बताया है? (CBSE 2013)

उत्तर: कवि लंबे समय बाद घर लौटे थे, इसलिए बच्चा उन्हें पहचान नहीं पा रहा था। वह अजनबी को अपनी बड़ी आँखों से जिज्ञासा और हैरानी के साथ बिना पलक झपकाए देख रहा था।

प्रश्न 4. ‘मिट्टी का गुण-धर्म’ से कवि का क्या तात्पर्य है? (CBSE 2011, 2019)

उत्तर: हर मिट्टी की अपनी उपजाऊ शक्ति और विशेषता होती है। फसल में उसी मिट्टी के पोषक तत्व समाहित होते हैं। मिट्टी का गुण-धर्म ही फसल के स्वाद और रूप को निर्धारित करता है।

प्रश्न 5. माँ की भूमिका को ‘यह दंतुरित मुसकान’ में किस प्रकार सराहा गया है? (CBSE 2018)

उत्तर: माँ ही वह माध्यम है जिसने कवि और बच्चे का परिचय कराया। माँ की ममता और देखभाल के कारण ही बच्चे की मुसकान में वह आकर्षण और जीवन का संचार हुआ है।

प्रश्न 6. ‘फसल’ कविता में नदियों के पानी को ‘जादू’ क्यों कहा गया है? (CBSE 2012)

उत्तर: पानी बेजान बीज में अंकुर फोड़कर उसे जीवन प्रदान करता है। नदियों का जल सिंचाई के माध्यम से मिट्टी को उपजाऊ बनाता है, जिससे फसल लहलहाती है। यह किसी जादू जैसा ही है।

प्रश्न 7. “धन्य तुम, माँ भी तुम्हारी धन्य”—कवि ने ऐसा क्यों कहा है? (CBSE 2020)

उत्तर: कवि ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि बच्चा अत्यंत सुंदर है और माँ ने उसे ममता से पाला है। कवि स्वयं को प्रवासी मानकर उन दोनों के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त करता है।

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